Breaking: रोहिंग्या मुस्लिमों पर राजनाथ सिंह का बड़ा बयान, कहा- ‘रोहिंग्या मुसलमानों पर हम..’

Breaking: रोहिंग्या मुस्लिमों पर राजनाथ सिंह का बड़ा बयान, कहा- 'रोहिंग्या मुसलमानों पर हम..'

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अभी-अभी खबर आई है कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रोहिंग्या मुसलमानों को जम्मू-कश्मीर की सिक्युरिटी के लिए खतरा बता दिया है। सिंह जम्मू-कश्मीर दौरे पर पहुंचे हुए हैं जहाँ से उन्होंने रोहिंग्या को देश से बाहर करने के लिए सख्त कार्रवाई के संकेत भी दिए। उन्होंने कहा कि ढाई दशक से आतंकवाद से जूझ रहे कश्मीर के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकताl करीब 40 हजार रोहिंग्या मुसलमान…

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आपको बता दें, करीब 40 हजार रोहिंग्या मुसलमान अवैध तरीके से भारत में शरण लिए हुए हैं। इन्हें बाहर करने के प्रपोजल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की गई, इसके साथ ही इसे संविधान के दिए अधिकारों का वॉयलेशन बताया गया है। बता दें, भारत में मौजूदा समय में 40 हजार रोहिंग्या हैं और इनमें से 16 हजार का रिफ्यूजी डॉक्युमेंटेशन हो गया है। इतिहासकार कहते हैं कि रोहिंग्या म्यांमार में 12वीं सदी से रहते आ रहे मुस्लिम हैं।

क्या बोले राजनाथ

राजनाथ सिंह ने कहा- ”केंद्र सरकार अवैध शरणार्थियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी, लेकिन हमें पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों के साथ सहानुभूति भी है, जिन्होंने भारत में शरण ली है।”

जम्मू-कश्मीर से रिफ्यूजियों को बाहर करने के सवाल पर उन्होंने कहा, ”हम राज्य सरकार के साथ इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं। अवैध तरीके से रहने वाले विदेशियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रोहिंग्या मुस्लिम जम्मू-कश्मीर के लिए खतरा हो सकते हैं, जो करीब 25 साल से आतंकवाद से लड़ रहा है। हम इससे समझौता नहीं कर सकते हैं। अवैध तरीके से देश में रहने वालों के लिए सरकार की नीति साफ है।”

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इसके साथ ही राजनाथ सिंह ने ये भी कहा कि बॉर्डर पर सेंसर कैमरों से अब कड़ी निगरानी की जायेगीl बॉर्डर सील करने के बारे में उनसे पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पीओके समेत देश की सभी वू सीमाएं जहां नदी या तराई वाले इलाके हैं, वहां पर फेन्सिंग करना मुमकिन नहीं, वहां सेंसर वाले कैमरों से ही निगरानी हो सकती है।

इस मामले पर गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू कहते हैं- “कोई भी भारत को ह्यूमन राइट्स और शरणार्थियों की सुरक्षा के बारे में नहीं सिखा सकता है। कई ह्यूमन राइट्स संस्थाएं और इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशंस भारत सरकार पर रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए सख्त रुख अख्तियार करने की बात कह रही हैं, ये निराधार है। हम ये साफ कर देना चाहते हैं कि वे भारत के नागरिक नहीं हैं और उन्हें बाहर किया जाना चाहिए। हालांकि, लोकतांत्रिक सरकार में ऐसा नहीं होता कि गोली मार दो या समंदर में फेंक दो।”

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